About Nature's Lessons for us

Nature has an amazing peace which we, as humans, try to emulate daily, Nature teach us more about love, We understand the true nature of unconditional love without expectations. So much of our daily life is spent inside, with the insipid

Hi Everyone, I hope you will be safe and healthy wherever you are.
 In the last few days, we have all seen some clear changes in the nature around us.  Let's discuss the same thing on the basis today.

We are Human Being (Homo sapiens, a male, female, or child of a species, is distinguished by superior mental development from other animals, the power of clear speech, and upright stance.). In this whole world no other is called a being. That is, we know how to be. 

This is very sad that humanity is constantly trying to prove it wrong.  We can understand this on many levels.  If we do not learn to do each of our actions with full awareness, then nature will teach us this with extreme cruelty.
 
The most important of all these subjects is population.  Right now we can understand it as if what is bothering us the most about corona is the population being so dense it is spreading easily everywhere.  But most people do not want to talk about the population.  Even the leaders of the world did not talk about it much.  Because nobody wants to go against religious communities who are against it.  Whatever the reasons, it has been going on for a long time.

Well, according to Humanity, this (population) is the only problem because we are good but there are many.

 Our presence has increased so much that we are becoming a threat to the lives of other Creatures. 
But still we cannot hold each other responsible for this.  Now is the time to do very sensible tasks. I think we should think about this.
 
If we do not create a living environment for every living being present on this planet, then we will not be able to live for long because our life is not much different from other beings, especially not originally.

We should also remember that nature wants to teach us something in every situation if we are ready to learn.  There is always something around us to learn, but we do not learn from them.  We wait for other cruel possibilities to learn.  Then build their own Philosophy on them.
 
Now is the time to give yourself and to understand the inner sattvikta.

Thank you!

Hindi Translation: नमस्कार! आशा करता हूं कि आप जहां भी होंगे सुरक्षित तथा स्वस्थ होंगे।

 पिछले कुछ दिनों में हम सभी ने अपने आस पास प्रकृति में होने वाले कुछ स्पष्ट बदलाव देखें होंगे। चलिए आज इसी बात को आधार बनाकर चर्चा करते हैं।
हम मनुष्य हैं (एक पुरुष, महिला, या प्रजाति का बच्चा होमो सेपियन्स, अन्य जानवरों से बेहतर मानसिक विकास, स्पष्ट भाषण की शक्ति और ईमानदार रुख द्वारा प्रतिष्ठित है।), इस पूरे संसार में किसी अन्य को मनुष्य नहीं कहा जाता। अर्थात हम जानते हैं कि हाउ टू बी। दुख की बात है कि मानवता इसे गलत साबित करने का निरंतर प्रयत्न कर रही है। हम इसे कई स्तरों पर समझ सकते हैं। अगर हम पूर्ण जागरूकता के साथ अपने प्रत्येक कार्यों को करना नहीं सीखते तो प्रकृति हमें अत्यधिक क्रूरता के साथ इसे सिखाएगी।

इन सभी विषयों में सबसे महत्वपूर्ण है जनसंख्या। अभी इसे हम इस तरह भी समझ सकते हैं जैसे कि अभी corona को लेकर हमें कौन सी बात सबसे अधिक परेशान कर रही है लोगों की आबादी इतनी घनी होने के कारण यह हर तरफ आसानी से फैल रहा है। परन्तु ज्यादातर लोग जनसंख्या पर बात नहीं करना चाहते। यहां तक कि दुनिया के नेताओं ने भी ज्यादा इस पर बात नहीं की । क्योंकि कोई भी उन धार्मिक समुदायों के खिलाफ नहीं जाना चाहता जो इसके खिलाफ हैं। कारण जो भी हों, यह बहुत लंबे समय से चला आ रहा है।

मानवता के अनुसार, यही (जनसंख्या) एकमात्र समस्या है क्योंकि हम अच्छे हैं परन्तु बहुत सारे हैं।
हमारी उपस्थिति इतनी ज्यादा बढ़ गई है कि हम अन्य प्राणियों के जीवन के लिए खतरा बनते जा रहें हैं। 
पर फिर भी अभी हम एक दूसरे को इसका जिम्मेवार नही ठहरा सकते। अभी यह समय अत्यधिक समझदारी भरे कार्यों को करने का है। हमे इस बारे में सोचना चाहिए। 

यदि हम इस ग्रह पर उपस्थित प्रत्येक प्राणी के जीवित रहने लायक वातावरण नहीं बनाते तो ज्यादा समय तक हम भी जीवित नहीं रह पाएंगे क्योंकि हमारा जीवन भी अन्य प्राणियों से ज्यादा भिन्न नहीं है खासकर मूल रूप से तो नहीं।
हमें यह बात भी याद रखनी चाहिए कि प्रकृति हमें हर एक परिस्थिति में कुछ ना कुछ सिखाना चाहती है अगर हम सीखने के लिए तैयार हो। हमारे आसपास हर तरफ सीखने के लिए कुछ ना कुछ हमेशा रहता है परंतु हम उनसे सीखते नहीं। सीखने के लिए हम अन्य क्रूर संभावनाओं का इंतजार करते हैं। फिर उन पर अपनी अपनी फिलॉस्फी बनाते हैं।
अभी यह समय खुद को देने का है तथा अपने भीतर की सात्विकता को समझने का है।
धन्यवाद!

Yogesh Maurya

Author & Editor

Hi! I introduce myself as Yogesh Maurya and I'm still a student. I'm little complecated. In short, "It is not possible for everyone to read me... I'm the book in which emotions are written instead of words..."

30 komentar:

  1. Great work ... beautiful thoughts

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  2. wow,....creativity on peak 👌👌

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  3. बहुत खूब योगेश, आपने बहुत यथार्थ लेखन किया है, यह समसामयिक है, हम आपके इस लेखन की सराहना करते है, साथ ही उज्ज्वल भविष्य की कामना करते है 🙏🕉

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  4. Very cool.
    https://www.news7m.com

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